HDFC बैंक ने अपनी वीकल फाइनेंस यूनिट में की गलत तरीके से उधार देने के आरोपों की जांच

  • हालांकि जांच के बारे में विवरण अभी तक सार्वजनिक नहीं किया गया है
  • वीकल लोन हेड अशोक खन्ना का कार्यकाल आगे नहीं बढ़ाया गया है

नई दिल्ली. HDFC बैंक ने अपने वीकल फाइनेंस शाखा “अनुचित उधार प्रथाओं” और “हितों के टकराव” के आरोपों की जांच की है। हालांकि जांच के बारे में विवरण अभी तक सार्वजनिक नहीं किया गया है, लेकिन वीकल लोन हेड अशोक खन्ना का कार्यकाल आगे नहीं बढ़ाया गया है। खन्ना ने लगभग 18 सालों तक बैंक में काम किया और इस दौरान वो कई महत्वपूर्ण पदों पर रहे।

इस दौरान बैंक की ऋण पुस्तिका का लगभग 10 प्रतिशत हिस्सा लोन के रूप में दिया गया। इससे पहले HDFC मैनेजमेंट ने खन्ना के कार्यकाल को कम से कम 6 महीने यानी अक्टूबर तक बढ़ने का फैसला किया था। HDFC बैंक की वीकल फाइनेंस इकाई पर 31 मार्च, 2020 तक कुल 1.2 लाख करोड़ रुपए का लोन बकाया है।

2017 में 3 साल बढ़ाया था कार्यकाल
63 साल के खन्ना मार्च अनुबंध के तहत मार्च में रिटायर हो रहे हैं। इससे पहले भी 2017 में अशोक खन्ना के रिटायमेंट को 3 साल के लिए बढ़ाया गया था। लेकिन अब इस जाँच के बाद खन्ना के कार्यकाल को आगे नहीं बढ़ाया गया है। खन्ना ने जांच पर टिप्पणी करने से भी इनकार कर दिया, उन्होंने कहा कि वह अपने अनुबंध के कार्यकाल के अनुसार रिटायर हुए हैं।

अक्टूबर में रिटायर होंगे एचडीएफसी बैंक के सीईओ और एमडी आदित्य पुरी
एचडीएफसी बैंक के सीईओ और एमडी आदित्य पुरी इस साल अक्टूबर में रिटायर होने वाले हैं। देश के सबसे ज्यादा सैलरी पाने वाले बैंकर आदित्य पुरी के पास एचडीएफसी बैंक के 800 करोड़ रुपये के शेयर हैं।

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